Ganesh Ji Ki Aarti with Lyrics| गणेश जी की आरती

Hmare dekh Bharat me koi bhi kam karne se pahle jis bhagwan ki puja or aarti ki jati h vo h Gnaesh ji ki aarti.

Ganesh ji ki aarti bolkar koi bhi kaam suru kiya jata h.

Koi Bhi Hindu duniya me kahi bhi ho koi bhi kaam krta ho lekin Ganesh ji ki Aarti jrur bolta h kaam suru karne se pahle.

Ganesh ji
Ganesh ji

गणेश शिवजी और पार्वती के पुत्र हैं। उनका वाहन डिंक नामक मूषक है। गणों के स्वामी होने के कारण उनका एक नाम गणपति भी है। ज्योतिष में इनको केतु का देवता माना जाता है और जो भी संसार के साधन हैं, उनके स्वामी श्री गणेशजी हैं। हाथी जैसा सिर होने के कारण उन्हें गजानन भी कहते हैं। गणेश जी का नाम हिन्दू शास्त्रो के अनुसार किसी भी कार्य के लिये पहले पूज्य है। इसलिए इन्हें प्रथमपूज्य भी कहते है।

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गणेश जी के और भी कही नाम है जिसमे से प्रमुख है :

  • गजानन , गजनान , गजवक्र , गजवक्त्र , गणाध्यक्ष , गणपति , गौरीसुत , लंबकर्ण , लंबोदर , महाबल , महागणपति , महेश्वर , मंगलमूर्ति , मूषकवाहन , निदीश्वरम , प्रथमेश्वर , शुभम , सिद्धिदाता , सिद्धिविनायक , सुरेश्वरम , वक्रतुंड , बालगणपति , भालचन्द्र , बुद्धिनाथ , धूम्रवर्ण , एकाक्षर , एकदंत , गजकर्ण , बुद्धिविधाता , चतुर्भुज , देवदेव , देवांतकनाशकारी , देवव्रत , देवेन्द्राशिक , धार्मिक , दूर्जा , द्वैमातुर , एकदंष्ट्र 

Ganesh ji ki Aarti and lyrics hindi me:

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।

एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी,
माथे सिन्दूर सोहे, मूस की सवारी। 
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा।।
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया। 
‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।। 
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ,
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा। 

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी। 
कामना को पूर्ण करो जय बलिहारी।

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।

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